पंडित श्रीकांत तिवारी जी द्वारा संपन्न
शास्त्रोक्त विधि से नवग्रह दोष शांति एवं समस्त ग्रहों का वैदिक अनुष्ठान
16+ वर्षों का अनुभव · M.A. संस्कृत · काशी की वैदिक परंपरा · Online & Offline Services
नवग्रह शांति पूजा नौ ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करने, जीवन में सुख-समृद्धि स्थापित करने एवं कुंडली दोषों के निवारण हेतु किया जाने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान माना जाता है।
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वैदिक ज्योतिष में नव ग्रह — सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु — मनुष्य के जीवन के प्रत्येक पक्ष को प्रभावित करते हैं। जब इनमें से किसी भी ग्रह की कुंडली में अशुभ स्थिति होती है, तो जीवन में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नवग्रह शांति पूजा एक समग्र वैदिक अनुष्ठान है जिसमें सभी नौ ग्रहों की एक साथ शास्त्रोक्त पूजा, मंत्र-जाप एवं हवन संपन्न किया जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह पूजा कुंडली में व्याप्त ग्रह दोषों को शांत कर, ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम है।
शास्त्रों में नवग्रह को जगत के आधार माना गया है। प्रत्येक ग्रह का विशिष्ट रंग, मंत्र, रत्न, दिन एवं देवता होते हैं। नवग्रह शांति पूजा में प्रत्येक ग्रह के बीज मंत्र, स्तोत्र एवं वैदिक सूक्त का पाठ किया जाता है। यह अनुष्ठान केवल कुंडली दोष निवारण तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी इस संपूर्ण प्रक्रिया को काशी की वैदिक परंपरा एवं M.A. संस्कृत की विद्वत्ता के अनुसार संपन्न कराते हैं। संकल्प से लेकर नवग्रह स्थापना, मंत्र-जाप एवं पूर्णाहुति तक — प्रत्येक चरण शास्त्रोक्त क्रम में किया जाता है।
Online Navgraha Shanti Puja की सुविधा के माध्यम से पंडित श्रीकांत तिवारी जी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को यह अनुष्ठान घर बैठे संपन्न करवाने की सेवा प्रदान करते हैं। Live Streaming, Sankalp एवं Prasad Delivery के माध्यम से यह अनुष्ठान पूर्णतः प्रामाणिक रूप से किया जाता है।
यह पूजा विशेष रूप से उन जातकों के लिए अनुशंसित है जिनकी कुंडली में ग्रह दोष की पुष्टि हुई हो, जो जीवन में बार-बार असफलता, स्वास्थ्य समस्या, आर्थिक संकट या पारिवारिक कलह का सामना कर रहे हों।
यह अनुष्ठान वैदिक ज्योतिष की समग्र ग्रह-शांति परंपरा पर आधारित है। प्रत्येक तत्व का शास्त्रीय महत्व है।
वैदिक ज्योतिष एवं ग्रह-शांति परंपरा में नवग्रह पूजा का स्थान सर्वोच्च माना गया है।
वैदिक ज्योतिष में नव ग्रह मनुष्य के भाग्य, स्वास्थ्य, धन, विवाह एवं संतान के कारक माने गए हैं। इन सभी की एक साथ शांति करने वाली यह पूजा शास्त्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है।
सूर्य से लेकर केतु तक — नौ ग्रहों के बीज मंत्र, स्तोत्र एवं विशेष सामग्री से उनकी शांति की जाती है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह समग्र ग्रह-शांति जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालती है।
Vedic Rituals के माध्यम से नवग्रह मंत्रों की ध्वनि एवं हवन की अग्नि कुंडली के अशुभ प्रभावों को शांत करती है। यह सकारात्मक ऊर्जा का एक शक्तिशाली स्रोत माना जाता है।
राहु-केतु दोष, शनि साढ़ेसाती, मंगल दोष, सूर्य-चंद्र क्षीण — ये सभी ग्रह दोष नवग्रह शांति पूजा के माध्यम से शांत होते हैं एवं जीवन में बाधाएँ दूर होती हैं।
परिवार में निरंतर कलह, अशांति एवं अनिष्टकारी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर नवग्रह शांति पूजा अत्यंत लाभदायक मानी जाती है। यह पूजा घर के वातावरण को सात्विक बनाती है।
नवग्रहों की अनुकूलता से व्यवसाय, करियर एवं आर्थिक जीवन में उन्नति होती है। यह अनुष्ठान सभी शुभ कार्यों के आरंभ से पूर्व करवाना विशेष रूप से अनुशंसित है।
जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में यह अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी होता है।
नए मकान में प्रवेश, नई दुकान या व्यवसाय का शुभारंभ करते समय नवग्रह शांति पूजा करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
जब प्रयासों के बावजूद बार-बार असफलता हाथ लगे, रुकावटें न हटें एवं निराशा का भाव बना रहे, तब नवग्रह शांति पूजा लाभदायक है।
जब स्वास्थ्य समस्याएँ बार-बार उत्पन्न हों, उपचार का पूर्ण प्रभाव न मिले, तो ग्रह दोष की संभावना हो सकती है।
निरंतर आर्थिक समस्याएँ, ऋण का बोझ एवं धन की हानि होने पर नवग्रह शांति पूजा आर्थिक स्थिरता दिलाने में सहायक मानी जाती है।
परिवार में निरंतर विवाद, आपसी मतभेद एवं अशांति का वातावरण होने पर यह पूजा पारिवारिक सद्भाव स्थापित करने में सहायक है।
बुध ग्रह के अशुभ प्रभाव से शिक्षा में बाधाएँ आती हैं। नवग्रह शांति पूजा से बुध की शांति होती है एवं एकाग्रता बढ़ती है।
जब जीवन में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तब नवग्रह शांति पूजा शनि के कठोर प्रभाव को कम करने में विशेष रूप से सहायक होती है।
सूर्य-चंद्र ग्रहण के पश्चात, नव वर्ष के आरंभ पर एवं विशेष ज्योतिषीय मुहूर्तों पर नवग्रह पूजा करवाना अत्यंत फलदायी होता है।
विवाह, मुंडन, जनेऊ जैसे महत्वपूर्ण संस्कारों से पूर्व नवग्रह शांति पूजा करवाने से सभी ग्रह अनुकूल होते हैं एवं संस्कार निर्विघ्न संपन्न होता है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, ये समस्याएँ अक्सर ग्रहों के असंतुलन का संकेत देती हैं।
धन का निरंतर अभाव, आय से अधिक व्यय, ऋण से मुक्ति न मिलना — ये समस्याएँ प्रायः शनि, राहु या शुक्र के अशुभ प्रभाव का संकेत होती हैं। नवग्रह शांति पूजा आर्थिक स्थिरता दिलाने में सहायक मानी जाती है।
दीर्घकालिक रोग, बार-बार दुर्घटना या स्वास्थ्य समस्याओं की पुनरावृत्ति ग्रहों के असंतुलन का परिणाम हो सकती है। सूर्य, मंगल एवं शनि की शांति स्वास्थ्य लाभ में सहायक मानी जाती है।
विवाह में निरंतर देरी, रिश्तों का टूटना या वैवाहिक जीवन में कलह — ये समस्याएँ मंगल, शुक्र या राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से उत्पन्न हो सकती हैं। नवग्रह शांति पूजा समग्र निवारण प्रदान करती है।
व्यवसाय में घाटा, नौकरी में अस्थिरता, तरक्की न मिलना — ये स्थितियाँ बुध, बृहस्पति या शनि के अशुभ प्रभाव से जुड़ी हो सकती हैं। नवग्रह पूजा से ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है।
चंद्र एवं राहु के अशुभ प्रभाव से मानसिक अशांति, नकारात्मक विचार, भय एवं चिंता उत्पन्न होती है। नवग्रह शांति पूजा मन में स्थिरता एवं सकारात्मकता लाती है।
संतान प्राप्ति में विलंब, संतान के स्वास्थ्य की समस्याएँ या संतान से पारिवारिक कलह — ये बृहस्पति, पंचम भाव एवं सूर्य के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकती हैं।
भूमि-क्रय, गृह-निर्माण या संपत्ति विवाद में निरंतर बाधाएँ मंगल एवं शनि के अशुभ प्रभाव से जुड़ी हो सकती हैं। नवग्रह शांति पूजा इन मामलों में सफलता दिलाने में सहायक मानी जाती है।
बुध ग्रह के कमज़ोर होने से स्मरणशक्ति कमज़ोर होती है, पढ़ाई में मन नहीं लगता एवं परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। नवग्रह पूजा बुध की शक्ति को बढ़ाती है।
यह अनुष्ठान जीवन के हर पक्ष को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
नौ ग्रहों की एक साथ शांति से कुंडली में उपस्थित सभी प्रकार के ग्रह दोष शांत होते हैं एवं जीवन में दैवीय अनुकूलता प्राप्त होती है।
शुक्र, बृहस्पति एवं बुध ग्रह की शांति से धन-संबंधी समस्याएँ दूर होती हैं, आय में वृद्धि होती है एवं आर्थिक स्थिरता स्थापित होती है।
चंद्र एवं बुध की शांति से मन में स्थिरता आती है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं एवं आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
सूर्य एवं मंगल की शांति से शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है एवं दीर्घकालिक बीमारियों में सुधार होता है।
बुध एवं बृहस्पति की अनुकूलता से बुद्धि तीव्र होती है, करियर में अवरोध दूर होते हैं एवं पदोन्नति एवं व्यावसायिक सफलता प्राप्त होती है।
नवग्रह शांति से परिवार में प्रेम, सहयोग एवं सौहार्द का वातावरण बनता है। गृह क्लेश दूर होता है एवं संबंधों में मधुरता आती है।
बुध एवं बृहस्पति की शांति से स्मरणशक्ति बढ़ती है, एकाग्रता आती है एवं विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं।
राहु-केतु एवं शनि की शांति से जीवन में आ रहे अनिष्टकारी प्रभाव दूर होते हैं एवं साधक को आध्यात्मिक सुरक्षा प्राप्त होती है।
शुक्र, मंगल एवं गुरु की शांति से विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं एवं वैवाहिक जीवन में सुख-सामंजस्य स्थापित होता है।
नवग्रह पूजन से साधक की आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है, ध्यान में गहराई आती है एवं जीवन में सात्विकता एवं धर्म के प्रति रुचि बढ़ती है।
रुके हुए महत्वपूर्ण कार्य पुनः गतिशील होते हैं, शुभ अवसर प्राप्त होते हैं एवं जीवन में स्पष्ट दिशा एवं उद्देश्य का बोध होता है।
नए घर में प्रवेश से पूर्व नवग्रह शांति पूजा करवाने से गृह का वातावरण शुद्ध होता है एवं वास्तु दोषों का प्रभाव न्यून होता है।
ये सामान्य आध्यात्मिक अभ्यास हैं जो जीवन में सकारात्मकता लाते हैं।
प्रत्येक दिन प्रातःकाल उगते सूर्य को ताम्र-पात्र से जल का अर्घ्य दें। इससे सूर्य ग्रह की शक्ति बढ़ती है, आत्मविश्वास एवं स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
प्रतिदिन नवग्रह के बीज मंत्रों का जाप करें। विशेष रूप से अपने कुंडली के अशुभ ग्रह का मंत्र अधिक बार जपें। पंडित जी से सही मंत्र एवं संख्या जानें।
प्रत्येक शनिवार सरसों का तेल, काले तिल एवं काले वस्त्र का दान करें। शनि देव की आराधना करें। यह शनि के कठोर प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।
गुरुवार का व्रत रखें, पीले वस्त्र धारण करें एवं केले के वृक्ष की पूजा करें। इससे बृहस्पति ग्रह की कृपा प्राप्त होती है एवं ज्ञान-समृद्धि में वृद्धि होती है।
सोमवार को शिवलिंग पर जल एवं बेल-पत्र चढ़ाएँ। चंद्र ग्रह को मोती धारण करने से बल मिलता है। इससे मानसिक शांति एवं स्थिरता प्राप्त होती है।
राहु के लिए भैरव जी की पूजा एवं केतु के लिए गणेश जी की पूजा लाभकारी मानी जाती है। श्री दुर्गासप्तशती का पाठ राहु-केतु दोष निवारण में सहायक है।
नव ग्रहों से संबंधित नौ प्रकार के अनाज (गेहूँ, चावल, मूँग, चना, उड़द, तिल, जौ, मसूर, सरसों) का दान करें। यह नवग्रह शांति का एक सरल एवं प्रभावी उपाय है।
प्रतिदिन प्रातःकाल आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। यह सूर्य ग्रह को प्रसन्न करता है एवं समस्त ग्रह दोषों को कम करने में सहायक माना जाता है।
महत्वपूर्ण सूचना: ये सामान्य आध्यात्मिक अभ्यास हैं जो सकारात्मक जीवनशैली के अंग हैं। ये व्यक्तिगत Spiritual Guidance एवं विशेषज्ञ द्वारा संपन्न किए जाने वाले Vedic Rituals का विकल्प नहीं हैं। व्यक्तिगत समस्याओं एवं कुंडली विश्लेषण हेतु पंडित श्रीकांत तिवारी जी से परामर्श अवश्य लें।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी को नवग्रह शांति पूजा, कुंडली विश्लेषण एवं ग्रह-शांति अनुष्ठानों में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव प्राप्त है। उनके मार्गदर्शन से सैकड़ों परिवारों ने जीवन में शांति एवं समृद्धि प्राप्त की है।
M.A. संस्कृत की उच्च शिक्षा के साथ उन्होंने वैदिक ज्योतिष, मंत्रशास्त्र, ग्रह-पूजन विधान एवं ग्रह-गणना की गहन शिक्षा प्राप्त की है। शास्त्रों की प्रामाणिक समझ उनकी सेवाओं को विशेष विश्वसनीय बनाती है।
काशी (वाराणसी) भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित वैदिक विद्या का केंद्र है। पंडित जी ने काशी की इस महान परंपरा से दीक्षा लेकर नवग्रह शांति पूजा की समग्र विद्या अर्जित की है।
Online Navgraha Shanti Puja की सुविधा से देश-विदेश के श्रद्धालु भी इस अनुष्ठान का लाभ उठा सकते हैं। Live Streaming, Video Call के माध्यम से संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी रूप से संपन्न होती है।
प्रत्येक जातक की कुंडली एवं परिस्थिति भिन्न होती है। पंडित जी पूजा के पूर्व एवं पश्चात व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श प्रदान करते हैं जिससे साधक को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी प्रत्येक चरण को शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराते हैं।
पूजा के प्रारंभ से पूर्व पंडित श्रीकांत तिवारी जी साधक की जन्म-कुंडली का विश्लेषण करते हैं, अशुभ ग्रहों की पुष्टि करते हैं एवं तदनुसार पूजा का विधान एवं संकल्प निर्धारित करते हैं।
साधक के नाम, गोत्र एवं कामना सहित सभी नवग्रहों के समक्ष विधिपूर्वक संकल्प लिया जाता है। यह संकल्प पूजा का आधार है जिसके बिना अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।
पूजन के लिए पवित्र स्थान की शुद्धि, नवग्रह यंत्र की स्थापना, नौ ग्रहों के प्रतीक पदार्थों का विधिपूर्वक संयोजन किया जाता है। प्रत्येक ग्रह की विशेष सामग्री शास्त्रानुसार रखी जाती है।
प्रत्येक ग्रह देव का षोडशोपचार (सोलह उपचार) से विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। आह्वान, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि सभी उपचार शास्त्रोक्त क्रम से अर्पित किए जाते हैं।
नवग्रह शांति पूजा का केंद्र प्रत्येक ग्रह के बीज मंत्र, वैदिक सूक्त एवं स्तोत्र का विधिपूर्वक जाप है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी शास्त्रीय उच्चारण के साथ निर्धारित संख्या में यह जाप संपन्न करते हैं।
नौ ग्रहों से संबंधित नौ प्रकार के अनाजों का विधिपूर्वक दान किया जाता है। यह नवग्रह शांति का एक अत्यंत प्रभावी वैदिक विधान माना जाता है जो ग्रहों की अनुकूलता सुनिश्चित करता है।
हवन-कुंड में अग्नि प्रज्वलित कर नवग्रह मंत्रों के साथ आहुतियाँ दी जाती हैं। प्रत्येक ग्रह के लिए उनकी विशेष सामग्री — घी, तिल, जौ, समिधा आदि — शास्त्रोक्त क्रम से हवन में अर्पित की जाती है।
हवन के अंत में नवग्रहों को समर्पित पूर्णाहुति दी जाती है। इसके पश्चात नवग्रह स्तोत्र के साथ महाआरती संपन्न होती है एवं प्रसाद वितरण किया जाता है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी पूजा के पश्चात साधक को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं — उचित रत्न धारण, नियमित व्रत-उपाय एवं किस प्रकार ग्रहों की कृपा को जीवन में स्थायी बनाएँ। यह ज्योतिषीय मार्गदर्शन अनुष्ठान को दीर्घकालिक फलदायी बनाता है।
नवग्रह शांति पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नौ ग्रहों की दिव्य शक्तियों को अनुकूल करने, जीवन के प्रत्येक पक्ष में सकारात्मकता लाने एवं आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने का एक समग्र वैदिक माध्यम है। उचित विधि, श्रद्धा एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न किया गया यह अनुष्ठान साधक के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाने में सहायक माना जाता है।
नवग्रह शांति पूजा एक समग्र वैदिक अनुष्ठान है जिसमें सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु — इन नौ ग्रहों की एक साथ शास्त्रोक्त पूजा, मंत्र-जाप एवं हवन संपन्न किया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ये नव ग्रह मनुष्य के जीवन के प्रत्येक पक्ष — स्वास्थ्य, धन, विवाह, करियर, संतान — को प्रभावित करते हैं। जब इनमें से किसी ग्रह की कुंडली में अशुभ स्थिति हो तो जीवन में विभिन्न समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह पूजा ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम है।
नवग्रह शांति पूजा के लाभ अत्यंत व्यापक हैं। इससे समस्त ग्रह दोषों का निवारण होता है, आर्थिक समृद्धि आती है, स्वास्थ्य में सुधार होता है, मानसिक शांति मिलती है एवं करियर में सफलता प्राप्त होती है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह पूजा परिवार में सुख-शांति, विवाह में शुभ संयोग, संतान प्राप्ति एवं शिक्षा में उन्नति के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। Navgraha Puja in Indore में भी व्यापक रूप से की जाती है और यहाँ के श्रद्धालुओं ने इसके अनेक लाभ अनुभव किए हैं।
नवग्रह शांति पूजा सामान्यतः एक दिन में संपन्न होने वाला अनुष्ठान है जिसमें लगभग छह से आठ घंटे का समय लगता है। इसमें संकल्प, नवग्रह स्थापना, षोडशोपचार पूजन, नवग्रह बीज मंत्र जाप, नवधान्य दान तथा वैदिक हवन सम्मिलित होते हैं। पंडित श्रीकांत तिवारी जी प्रत्येक चरण को धैर्यपूर्वक एवं विधिवत संपन्न कराते हैं। पूजा का समय शुभ मुहूर्त के अनुसार पूर्व-निर्धारित किया जाता है। Online Navgraha Puja में भी यही समय-सीमा लागू होती है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, Online Navgraha Shanti Puja पूर्णतः प्रभावशाली होती है। वैदिक शास्त्रों में संकल्प एवं श्रद्धा को सर्वाधिक महत्व दिया गया है — न कि केवल शारीरिक उपस्थिति को। Online Puja में साधक का संकल्प उनके नाम, गोत्र एवं जन्म-विवरण सहित विधिपूर्वक लिया जाता है। Live Streaming के माध्यम से साधक पूरे अनुष्ठान का साक्षी बनते हैं। Vedic Rituals की शक्ति मंत्रों में होती है जो स्थान-निरपेक्ष हैं।
नवग्रह शांति पूजा के लिए रविवार (सूर्य), सोमवार (चंद्र) जैसे ग्रह-विशेष दिन अनुकूल होते हैं। इसके अतिरिक्त अमावस्या, पूर्णिमा, ग्रहण के पश्चात एवं नवरात्र के अवसर पर यह पूजा करवाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी ज्योतिष के आधार पर प्रत्येक साधक के लिए उचित मुहूर्त निर्धारित करते हैं। नए घर में प्रवेश, नए व्यवसाय के शुभारंभ एवं विवाह से पूर्व भी यह पूजा विशेष शुभ मानी जाती है।
नवग्रह शांति पूजा में प्रत्येक ग्रह के अनुसार विशेष सामग्री का उपयोग होता है। इनमें प्रमुख हैं — नवग्रह यंत्र, नौ रंगों के वस्त्र, नवधान्य (नौ प्रकार के अनाज), नौ प्रकार के पुष्प, पंचामृत, घी, तिल, जौ, हवन सामग्री, कुमकुम, नैवेद्य आदि। पंडित श्रीकांत तिवारी जी स्वयं सामग्री की व्यवस्था करते हैं। पूजा की सामग्री की पूर्ण सूची परामर्श के दौरान प्रदान की जाती है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, नवग्रह शांति पूजा उन सभी जातकों के लिए अनुशंसित है जिनकी कुंडली में किसी भी ग्रह का अशुभ प्रभाव हो। जो व्यक्ति बार-बार असफलता, दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्या, आर्थिक संकट, विवाह में विलंब, करियर में अस्थिरता या पारिवारिक कलह का सामना कर रहे हों — उन सभी के लिए यह पूजा अत्यंत लाभकारी है। नए घर में प्रवेश, नए व्यवसाय के आरंभ पर भी यह पूजा करवाना शुभ माना जाता है।
नवग्रह शांति पूजा एक समग्र अनुष्ठान है जिसमें पूजन, मंत्र-जाप, स्तोत्र-पाठ एवं हवन — सभी सम्मिलित होते हैं। नवग्रह होम विशेष रूप से हवन-प्रधान अनुष्ठान है जिसमें अग्नि में आहुतियों के माध्यम से ग्रहों को प्रसन्न किया जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, संपूर्ण नवग्रह शांति पूजा में होम (हवन) भी सम्मिलित होता है। दोनों का उद्देश्य एक ही है — नव ग्रहों की शांति। कुंडली एवं परिस्थिति के अनुसार पंडित जी उचित अनुष्ठान का सुझाव देते हैं।
हाँ, नवग्रह शांति पूजा में शनि ग्रह की विशेष शांति की जाती है जिससे शनि साढ़ेसाती एवं ढैय्या के कठोर प्रभाव में कमी आती है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, शनि के बीज मंत्र, शनि स्तोत्र एवं हवन में शनि की विशेष सामग्री (तिल, लोहा, काले वस्त्र) से आहुति दी जाती है। इसके साथ शनिवार का व्रत, तेल दान एवं हनुमान जी की पूजा भी साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव को कम करने में सहायक मानी जाती है।
पंडित श्रीकांत तिवारी जी से नवग्रह शांति पूजा बुक करना अत्यंत सरल है। आप +91 79995 48900 पर सीधे फोन या WhatsApp संपर्क कर सकते हैं। वे आपकी कुंडली, समस्या एवं उपयुक्त मुहूर्त के आधार पर पूजा की योजना बनाते हैं। Online Navgraha Puja के लिए Video Call पर परामर्श उपलब्ध है। पूजा का संकल्प आपके नाम एवं गोत्र के साथ लिया जाता है। Offline Puja के लिए Indore एवं आसपास के क्षेत्रों में सुविधा उपलब्ध है। सेवा बुक करने के लिए आज ही संपर्क करें।
यदि आप नवग्रह शांति पूजा, कुंडली विश्लेषण, ग्रह दोष निवारण, Online Puja या व्यक्तिगत ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं तो पंडित श्रीकांत तिवारी जी से संपर्क करें।