shrikantpanditji.com

महामृत्युंजय मंत्र जाप | Mahamrityunjaya Mantra Jaap Specialist | पंडित श्रीकांत तिवारी जी
🙏 महामृत्युंजय मंत्र जाप बुकिंग हेतु संपर्क करें: +91 79995 48900
Mahamrityunjaya Mantra Jaap Specialist

महामृत्युंजय मंत्र जाप विशेषज्ञ

पंडित श्रीकांत तिवारी जी पंडित श्रीकांत तिवारी जी द्वारा संपन्न

शास्त्रोक्त विधि से भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र जाप अनुष्ठान एवं रुद्राभिषेक

16+ वर्षों का अनुभव  ·  M.A. संस्कृत  ·  काशी की वैदिक परंपरा  ·  Online & Offline Services

महामृत्युंजय मंत्र जाप भगवान शिव की उपासना का सर्वोच्च अनुष्ठान है जो आरोग्य प्राप्ति, मृत्युभय निवारण, दीर्घायु एवं जीवन की समस्त बाधाओं से मुक्ति हेतु अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

16+वर्षों का अनुभव
5000+अनुष्ठान संपन्न
1000+संतुष्ट परिवार
Onlineसेवा उपलब्ध
सीमित अवधि

श्रावण माह में महामृत्युंजय मंत्र जाप बुकिंग खुली है

पंडित श्रीकांत तिवारी जी से अभी परामर्श लें — Online एवं Offline दोनों विकल्प उपलब्ध। मुहूर्त सीमित होने से जल्द संपर्क करें।

अभी बुक करें →
Vedic Knowledge

महामृत्युंजय मंत्र जाप क्या है?

महामृत्युंजय मंत्र, जिसे त्र्यम्बकम् मंत्र भी कहा जाता है, ऋग्वेद एवं यजुर्वेद में वर्णित भगवान शिव की सर्वाधिक शक्तिशाली स्तुतियों में से एक है। यह मंत्र भगवान शिव के तीन नेत्रों — सूर्य, चंद्र एवं अग्नि — को संबोधित करता है एवं मृत्यु पर विजय की कामना करता है।

महामृत्युंजय मंत्र जाप एक विशिष्ट वैदिक अनुष्ठान है जिसमें इस महामंत्र का निर्धारित संख्या में — 1,25,000 अथवा उससे अधिक — शास्त्रोक्त उच्चारण के साथ जाप किया जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह अनुष्ठान संकल्प, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप एवं हवन के माध्यम से संपन्न होता है। यह केवल आरोग्य-प्राप्ति तक सीमित नहीं, बल्कि मृत्युभय, गंभीर रोग, दुर्घटना एवं आयु-वृद्धि हेतु भी इसे परम प्रभावशाली माना गया है।

शास्त्रों में इसे मृत्युंजय मंत्र, महामंत्र एवं शिव महामंत्र कहा गया है। यह मंत्र — "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्" — जीवन की समस्त नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट करता है एवं साधक को दैवीय सुरक्षा प्रदान करता है।

पंडित श्रीकांत तिवारी जी इस संपूर्ण प्रक्रिया को वैदिक परंपरा एवं काशी की विद्वत्ता के अनुसार संपन्न कराते हैं। संकल्प के साथ आरंभ होकर, शिवलिंग अभिषेक, मंत्र जाप, रुद्राभिषेक एवं पूर्णाहुति तक — प्रत्येक चरण शास्त्रोक्त क्रम में सम्पन्न किया जाता है।

Online Mahamrityunjaya Mantra Jaap की सुविधा के माध्यम से पंडित श्रीकांत तिवारी जी देश-विदेश के श्रद्धालुओं को यह अनुष्ठान उनके घर बैठे ही संपन्न करवाने की सेवा प्रदान करते हैं। Live Streaming, Sankalp एवं Prasad Delivery के माध्यम से यह अनुष्ठान पूर्णतः प्रामाणिक रूप से किया जाता है।

यह अनुष्ठान विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए अनुशंसित है जो गंभीर रोग से पीड़ित हों, जिनकी आयु में बाधा आ रही हो, जो मृत्युभय से ग्रस्त हों, अथवा जो जीवन में दैवीय सुरक्षा एवं आरोग्य की कामना रखते हों।

महामृत्युंजय मंत्र जाप के प्रमुख तत्व

यह अनुष्ठान वैदिक परंपरा की गहनतम शिव-उपासना पर आधारित है। प्रत्येक तत्व का शास्त्रीय महत्व है।

  • महामृत्युंजय मंत्र का 1,25,000 बार जाप
  • संकल्प — नाम, गोत्र, कामना सहित
  • षोडशोपचार शिव पूजन विधि
  • रुद्राभिषेक — पंचामृत अभिषेक
  • वैदिक हवन एवं पूर्णाहुति
  • श्री रुद्रम् एवं अष्टाध्यायी पाठ
  • महाआरती एवं प्रसाद वितरण
  • बिल्वपत्र, धतूरा एवं शिव सामग्री
  • ज्योतिषीय मार्गदर्शन पश्चात
  • Online & Offline दोनों विकल्प उपलब्ध
पंडित श्रीकांत तिवारी जी से परामर्श लें — आज ही! Online & Offline जाप उपलब्ध  ·  +91 79995 48900
Spiritual Significance

महामृत्युंजय मंत्र जाप का वैदिक महत्व

वेदों, पुराणों एवं शैव परंपरा में महामृत्युंजय मंत्र को सर्वोच्च मंत्रों में स्थान प्राप्त है।

🕉️

ऋग्वेद का महामंत्र

महामृत्युंजय मंत्र ऋग्वेद के सप्तम मण्डल में वर्णित है एवं इसे वेदों का सर्वाधिक शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। यह मंत्र मृत्यु पर विजय की कामना करने वाले ऋषि वसिष्ठ को प्राप्त हुआ था।

🩺

रोग एवं भय से मुक्ति

महामृत्युंजय मंत्र के जाप से गंभीर रोगों में राहत, मृत्युभय से मुक्ति एवं दैवीय स्वास्थ्य-सुरक्षा प्राप्त होती है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह अनुष्ठान आरोग्य प्रदान करने में सर्वाधिक प्रभावशाली माना जाता है।

🔱

भगवान शिव की कृपा

इस मंत्र के माध्यम से भगवान त्र्यम्बकेश्वर शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शिव जी मृत्युंजय हैं — मृत्यु के विजेता — और उनकी उपासना से साधक को अभय एवं दीर्घायु का वरदान मिलता है।

नकारात्मक ऊर्जा का नाश

महामृत्युंजय मंत्र की ध्वनि तरंगें जीवन में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी दृष्टि एवं अशुभ प्रभावों को नष्ट करती हैं। यह मंत्र एक दैवीय सुरक्षा-कवच का कार्य करता है।

🌿

आयु एवं स्वास्थ्य वर्धन

वैदिक शास्त्रों में कहा गया है कि महामृत्युंजय मंत्र "पुष्टिवर्धनम्" है — अर्थात यह आयु, स्वास्थ्य एवं जीवनशक्ति की वृद्धि करता है। दीर्घ रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह अनुष्ठान विशेष फलदायी माना गया है।

🧘

मानसिक शांति एवं आत्मबल

महामृत्युंजय मंत्र जाप से मन में गहरी शांति, भय से मुक्ति एवं आत्मबल की वृद्धि होती है। यह मंत्र ध्यान एवं आध्यात्मिक साधना की दिशा में भी साधक को ऊर्जावान बनाता है।

महामृत्युंजय जाप करवाना चाहते हैं? अभी बुक करें शुभ मुहूर्त सीमित हैं — तुरंत संपर्क करें
Right Time

महामृत्युंजय मंत्र जाप कब करवाना चाहिए?

जीवन के विभिन्न संकटकालों में यह अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी होता है।

🩺 गंभीर रोग में

जब परिवार का कोई सदस्य गंभीर अथवा दीर्घकालिक रोग से पीड़ित हो, तब उसके शीघ्र आरोग्य-लाभ एवं दैवीय सुरक्षा हेतु यह जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है।

⚠️ दुर्घटना की संभावना होने पर

जब जातक की कुंडली में मृत्युभय, दुर्घटना अथवा आयु की बाधा का संकेत हो, तब महामृत्युंजय मंत्र जाप एक प्रभावी दैवीय सुरक्षा-कवच का कार्य करता है।

😰 मृत्युभय एवं मानसिक संकट में

निरंतर भय, अवसाद, मानसिक अशांति अथवा आत्मविश्वास की कमी की स्थिति में महामृत्युंजय मंत्र जाप मन को शांत एवं स्थिर करने में सहायक माना जाता है।

👴 वृद्धावस्था में आरोग्य हेतु

वृद्धजनों की दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना से उनके परिवार द्वारा यह जाप करवाना शास्त्रों में अत्यंत शुभ माना गया है।

🌑 ग्रह-दोष एवं काल-सर्प योग में

जब कुंडली में काल-सर्प दोष, शनि-साढ़ेसाती अथवा किसी अशुभ ग्रह-योग के कारण जीवन में बाधाएँ हों, तब यह जाप विशेष लाभकारी सिद्ध होता है।

🌿 श्रावण माह एवं शिवरात्रि पर

श्रावण मास, महाशिवरात्रि एवं प्रदोष तिथि पर महामृत्युंजय मंत्र जाप करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है। पंडित जी शुभ मुहूर्त निर्धारित कर जाप संपन्न कराते हैं।

🔄 जन्मदिन पर आयु-वृद्धि हेतु

व्यक्ति के जन्मदिन पर उसकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना से महामृत्युंजय मंत्र जाप करवाना एक अत्यंत शुभ परंपरा मानी गई है।

🏥 ऑपरेशन से पहले एवं बाद में

किसी बड़े ऑपरेशन से पूर्व अथवा पश्चात शीघ्र स्वास्थ्य-लाभ हेतु परिवारजन यह जाप करवाते हैं। यह भगवान शिव का दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।

🙏 नवग्रह शांति के साथ

जब नवग्रह पूजा अथवा ग्रह-शांति अनुष्ठान के साथ महामृत्युंजय मंत्र जाप किया जाए, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। पंडित जी दोनों एक साथ संपन्न कराते हैं।

Spiritual Solutions

कौन-सी समस्याओं में महामृत्युंजय जाप सहायक है?

पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, इन स्थितियों में यह अनुष्ठान विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

🤒

दीर्घकालिक रोग एवं स्वास्थ्य समस्याएँ

जब कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी गंभीर रोग से पीड़ित हो और उपचार से संतोषजनक लाभ न मिल रहा हो, तब महामृत्युंजय जाप आरोग्य-लाभ में सहायक माना जाता है।

😱

मृत्युभय एवं भयंकर स्वप्न

मृत्यु का निरंतर भय, बुरे स्वप्न आना, रात्रि में अचानक भयभीत होना — ये लक्षण कुंडली में मृत्युभय का संकेत हो सकते हैं। महामृत्युंजय जाप इन समस्याओं में गहरी राहत देता है।

🚗

बार-बार दुर्घटना का खतरा

जब व्यक्ति का जीवन बार-बार दुर्घटनाओं से गुजरता हो, छोटी-छोटी चोटें लगती रहती हों अथवा जीवन खतरे में पड़ता हो, तब यह जाप एक दैवीय सुरक्षा-कवच का कार्य करता है।

🧠

मानसिक तनाव एवं अवसाद

अत्यधिक मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद की स्थिति में महामृत्युंजय मंत्र जाप मन को शांत करता है। शिव जी की ऊर्जा से आंतरिक स्थिरता एवं सकारात्मकता प्राप्त होती है।

👁️

नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी नज़र

घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा, बुरी दृष्टि अथवा तांत्रिक बाधा की आशंका होने पर महामृत्युंजय मंत्र जाप वातावरण को शुद्ध कर सुरक्षात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

🩸

रक्त एवं ह्रदय संबंधी विकार

रक्तचाप की समस्या, हृदय रोग अथवा रक्त-संबंधी विकारों में महामृत्युंजय जाप शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है। आरोग्य-प्राप्ति में यह सहायक माना जाता है।

अल्पायु का संकेत कुंडली में

जब कुंडली में अल्पायु अथवा जीवन में गंभीर संकट का ज्योतिषीय संकेत हो, तब पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार महामृत्युंजय जाप सर्वाधिक आवश्यक एवं प्रभावी उपाय है।

🌑

ग्रह-दोष एवं अशुभ योग

काल-सर्प दोष, शनि महादशा, राहु-केतु अथवा अन्य अशुभ ग्रह-योगों के दुष्प्रभाव को कम करने में महामृत्युंजय जाप अत्यंत प्रभावकारी उपाय माना गया है।

क्या ये समस्याएँ आपके जीवन में भी हैं? आज ही समाधान पाएँ पंडित जी से निःशुल्क प्रारंभिक परामर्श उपलब्ध
Benefits

महामृत्युंजय मंत्र जाप के लाभ

यह अनुष्ठान जीवन के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक — तीनों पक्षों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

🩺 Health

रोग-मुक्ति एवं आरोग्य

गंभीर रोगों में राहत, शरीर में रोग-प्रतिरोधक शक्ति एवं आरोग्य का मार्ग प्रशस्त होता है।

🛡️ Protection

दैवीय सुरक्षा-कवच

नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी दृष्टि एवं अशुभ प्रभावों से दैवीय सुरक्षा का कवच प्राप्त होता है।

🌟 Longevity

दीर्घायु का वरदान

आयु में वृद्धि एवं मृत्युभय से मुक्ति प्राप्त होती है। कुंडली में अल्पायु के दोष में भी यह अत्यंत लाभकारी है।

🧘 Mental

मन में शांति एवं स्थिरता

मानसिक भय, अवसाद एवं तनाव दूर होते हैं। मन में गहरी शांति एवं सकारात्मकता स्थापित होती है।

🔱 Spiritual

शिव जी की विशेष कृपा

भगवान महामृत्युंजय की कृपा से जीवन में दैवीय प्रकाश, शुभता एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

💪 Strength

जीवनशक्ति में वृद्धि

शरीर में प्राण-ऊर्जा का संचार होता है, थकान एवं कमज़ोरी दूर होती है तथा जीवन-उत्साह बढ़ता है।

🏠 Family

परिवार में सुख-शांति

परिवार के सभी सदस्यों पर महामृत्युंजय जाप का सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है एवं गृह में सात्विकता बढ़ती है।

Success

रुके हुए कार्यों में सफलता

ग्रह-दोषों के कारण रुके हुए महत्वपूर्ण कार्य पुनः सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं एवं जीवन में स्पष्टता आती है।

Spiritual Practices

घरेलू उपाय एवं आध्यात्मिक सुझाव

ये सामान्य आध्यात्मिक अभ्यास हैं जो महामृत्युंजय जाप के प्रभाव को और बढ़ाते हैं।

सोमवार व्रत एवं शिव पूजन

प्रत्येक सोमवार व्रत रखें एवं शिवलिंग पर जल, दूध, बिल्वपत्र अर्पित करें। इससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है एवं महामृत्युंजय जाप का प्रभाव बढ़ता है।

महामृत्युंजय मंत्र का नित्य जाप

प्रतिदिन प्रातःकाल "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..." का यथाशक्ति 108 बार जाप करें। रुद्राक्ष की माला पर जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।

बिल्वपत्र एवं धतूरा अर्पण

शिवलिंग पर नित्य बिल्वपत्र, धतूरा एवं सफेद फूल अर्पित करें। शास्त्रों में बिल्वपत्र को शिव जी को सर्वाधिक प्रिय माना गया है एवं इसके अर्पण से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

रुद्राक्ष धारण

पंचमुखी अथवा एकमुखी रुद्राक्ष धारण करना महामृत्युंजय जाप के प्रभाव को कई गुना बढ़ाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी से उचित रुद्राक्ष के बारे में परामर्श लें।

श्रावण मास में विशेष उपासना

श्रावण मास में प्रत्येक सोमवार शिवालय जाएँ एवं जलाभिषेक करें। इस माह में शिव उपासना का प्रभाव साधारण समय की तुलना में कई गुना अधिक माना गया है।

शिव चालीसा एवं रुद्राष्टकम् पाठ

प्रतिदिन शिव चालीसा अथवा रुद्राष्टकम् का पाठ करें। यह मंत्र-जाप के साथ मिलकर शिव जी की कृपा को और शीघ्र आकर्षित करता है।

ध्यान एवं शांत चित्त

प्रतिदिन प्रातःकाल 10-15 मिनट शांत मन से ध्यान करें एवं भगवान शिव का ध्यान लगाएँ। मन की स्थिरता महामृत्युंजय जाप के प्रभाव को और गहरा बनाती है।

आहार-शुद्धि एवं सात्विक जीवन

जाप अनुष्ठान के दौरान सात्विक आहार लें एवं तामसिक भोजन से बचें। शुद्ध आचरण एवं सात्विक जीवनशैली से महामृत्युंजय जाप का प्रभाव अधिकतम होता है।

महामृत्युंजय जाप के बारे में अधिक जानना चाहते हैं? पंडित जी से सीधे परामर्श लें — आज ही
Authority & Trust

पंडित श्रीकांत तिवारी जी क्यों?

पंडित श्रीकांत तिवारी जी
  • 16+ वर्षों का अनुभव

    पंडित श्रीकांत तिवारी जी को महामृत्युंजय मंत्र जाप, रुद्राभिषेक एवं शिव उपासना अनुष्ठानों में 16 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव प्राप्त है। उनके मार्गदर्शन से हजारों परिवारों को आरोग्य एवं दैवीय सुरक्षा प्राप्त हुई है।

  • M.A. संस्कृत — शास्त्रीय विद्वत्ता

    M.A. संस्कृत की उच्च शिक्षा के साथ उन्होंने वेद, मंत्रशास्त्र, रुद्राभिषेक-विधान एवं शिव-उपासना की गहन शिक्षा प्राप्त की है। शास्त्रोक्त उच्चारण एवं विधि उनकी सेवाओं को विशेष प्रभावशाली बनाती है।

  • काशी की वैदिक परंपरा

    काशी विश्वनाथ की पावन भूमि से प्राप्त ज्ञान एवं परंपरा के अनुसार पंडित जी महामृत्युंजय जाप की संपूर्ण विद्या को प्रामाणिक रूप से संपन्न कराते हैं। काशी की परंपरा इस अनुष्ठान को सर्वाधिक विश्वसनीय बनाती है।

  • Online & Offline सेवाएँ

    Online Mahamrityunjaya Mantra Jaap की सुविधा से देश-विदेश के श्रद्धालु भी इस अनुष्ठान का लाभ उठा सकते हैं। Live Streaming एवं Video Call के माध्यम से संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी रूप से संपन्न होती है।

  • व्यक्तिगत परामर्श एवं मार्गदर्शन

    प्रत्येक साधक की परिस्थिति भिन्न होती है। पंडित जी जाप के पूर्व एवं पश्चात व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श प्रदान करते हैं जिससे साधक को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

Step-by-Step Process

महामृत्युंजय मंत्र जाप की संपूर्ण प्रक्रिया

पंडित श्रीकांत तिवारी जी प्रत्येक चरण को शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराते हैं।

1

परामर्श एवं संकल्प-निर्धारण

जाप से पूर्व पंडित श्रीकांत तिवारी जी साधक की परिस्थिति, स्वास्थ्य, कुंडली एवं कामना के आधार पर जाप की संख्या, मुहूर्त एवं विधान निर्धारित करते हैं। प्रत्येक साधक के लिए यह विशेष रूप से तय किया जाता है।

2

पूजा-स्थल की शुद्धि एवं शिव स्थापना

यज्ञशाला की शुद्धि, शिवलिंग की स्थापना एवं सभी वैदिक सामग्री — बिल्वपत्र, धतूरा, पंचामृत, रुद्राक्ष — का विधिपूर्वक संयोजन किया जाता है। प्रत्येक सामग्री का शास्त्रीय महत्व है।

3

संकल्प — भगवान शिव के समक्ष निवेदन

साधक के नाम, गोत्र, कामना — आरोग्य, दीर्घायु अथवा सुरक्षा — एवं अनुष्ठान के उद्देश्य सहित भगवान महामृत्युंजय के समक्ष विधिपूर्वक संकल्प लिया जाता है। यह पूरे जाप का आधार है।

4

षोडशोपचार शिव पूजन

भगवान शिव का षोडशोपचार से विधिपूर्वक पूजन किया जाता है — आह्वान, आसन, पाद्य, अर्घ्य, स्नान, वस्त्र, पुष्प, बिल्वपत्र, धूप, दीप, नैवेद्य सहित सभी उपचार शास्त्रोक्त क्रम से अर्पित किए जाते हैं।

5

रुद्राभिषेक — पंचामृत अभिषेक

शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद एवं गंगाजल से पंचामृत अभिषेक किया जाता है। श्री रुद्रम् एवं महामृत्युंजय मंत्र के उच्चारण के साथ यह अभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना गया है।

6

महामृत्युंजय मंत्र जाप

अनुष्ठान का केंद्र — "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..." — का 1,25,000 अथवा निर्धारित संख्या में शास्त्रोक्त उच्चारण के साथ जाप किया जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी एवं उनके सहयोगी विद्वान इसे पूर्ण विधि से संपन्न करते हैं।

7

वैदिक हवन एवं आहुति

जाप की समाप्ति पर हवन-कुंड में अग्नि प्रज्वलित कर महामृत्युंजय मंत्र के साथ आहुतियाँ दी जाती हैं। घी, तिल, जौ, बिल्वपत्र एवं शिव से संबंधित विशेष सामग्री से यह हवन संपन्न होता है।

8

पूर्णाहुति एवं महाआरती

हवन के अंत में भगवान महामृत्युंजय को समर्पित पूर्णाहुति दी जाती है। इसके पश्चात शिव जी की भव्य महाआरती, रुद्राष्टकम् एवं आशीर्वचन के साथ अनुष्ठान का समापन होता है।

9

पश्चात परामर्श एवं उपाय

पंडित श्रीकांत तिवारी जी जाप के पश्चात साधक को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं — नियमित व्रत, रुद्राक्ष धारण, आहार-शुद्धि एवं जीवनशैली के उपाय जिससे अनुष्ठान का प्रभाव दीर्घकालिक बना रहे।

पूजा की पूरी प्रक्रिया जान ली? अब बुकिंग करें शुभ मुहूर्त — पंडित जी से तारीख तय करें
"

महामृत्युंजय मंत्र जाप केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव की कृपा से मृत्युभय, रोग एवं समस्त बाधाओं से मुक्ति का एक अत्यंत शक्तिशाली माध्यम है। उचित विधि, शुद्ध उच्चारण एवं श्रद्धा के साथ संपन्न किया गया यह अनुष्ठान साधक के जीवन में आरोग्य, दीर्घायु एवं दैवीय सुरक्षा का संचार करता है।

— पंडित श्रीकांत तिवारी जी
महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं शिव उपासना विशेषज्ञ
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महामृत्युंजय मंत्र — "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्" — ऋग्वेद के सप्तम मण्डल में वर्णित भगवान शिव का महामंत्र है। इसका अर्थ है — "हम तीन नेत्रों वाले शिव की उपासना करते हैं जो सुगंधित एवं जीवन-पोषक हैं। जिस प्रकार खीरा लता से बंधन-मुक्त होता है, उसी प्रकार हमें भी मृत्यु से मुक्त करें, अमरत्व की ओर ले चलें।" पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह मंत्र मृत्यु पर विजय एवं आरोग्य-प्राप्ति का सर्वोच्च वैदिक माध्यम है।

महामृत्युंजय मंत्र जाप के लाभ अत्यंत व्यापक हैं। गंभीर रोगों में आरोग्य-लाभ, मृत्युभय से मुक्ति, दीर्घायु, नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा, मानसिक शांति एवं आत्मबल में वृद्धि प्रमुख लाभ हैं। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, यह जाप भगवान शिव की विशेष कृपा का माध्यम है जिससे साधक के जीवन में दैवीय प्रकाश एवं शुभता का संचार होता है। Mahamrityunjaya Mantra Jaap in Indore में भी व्यापक रूप से करवाया जाता है और अनेक परिवारों ने इसके उत्कृष्ट परिणाम अनुभव किए हैं।

पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, शास्त्रोक्त विधि से महामृत्युंजय जाप में 1,25,000 (एक लाख पच्चीस हजार) बार मंत्र-जाप किया जाता है, जिसे "लघु अनुष्ठान" कहते हैं। इसे सामान्यतः एक अथवा दो दिन में संपन्न किया जाता है। यदि साधक की कामना विशेष हो तो 11 लाख अथवा उससे अधिक जाप का "महा अनुष्ठान" भी किया जाता है। जाप की संख्या साधक की परिस्थिति, कुंडली एवं कामना के आधार पर निर्धारित की जाती है।

पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, Online Mahamrityunjaya Mantra Jaap पूर्णतः प्रभावशाली होता है। वैदिक शास्त्रों में संकल्प एवं श्रद्धा को सर्वाधिक महत्व दिया गया है — शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं। Online जाप में साधक का संकल्प, उनके नाम एवं गोत्र सहित विधिपूर्वक लिया जाता है। Live Streaming के माध्यम से साधक संपूर्ण अनुष्ठान के साक्षी बनते हैं। मंत्रों की शक्ति स्थान-निरपेक्ष है। पंडित जी देश-विदेश के अनेक श्रद्धालुओं को Online जाप की सेवा प्रदान कर रहे हैं।

महामृत्युंजय मंत्र जाप के लिए श्रावण मास, सोमवार, महाशिवरात्रि एवं प्रदोष तिथि विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, जब किसी परिवार में कोई गंभीर रोगी हो, जन्मदिन हो, ऑपरेशन से पूर्व हो अथवा कुंडली में अशुभ दशा चल रही हो — तब बिना विलंब किए मुहूर्त देखकर यह जाप करवाना चाहिए। वे ज्योतिषीय आधार पर प्रत्येक साधक के लिए उचित मुहूर्त निर्धारित करते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र जाप में अनेक वैदिक सामग्री का उपयोग होता है। इनमें प्रमुख हैं — शिवलिंग, बिल्वपत्र, धतूरा, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), रुद्राक्ष माला, सफेद फूल, भस्म, लकड़ी के कोयले, हवन सामग्री, घी, तिल एवं जौ। पंडित श्रीकांत तिवारी जी सभी प्रमुख सामग्री स्वयं व्यवस्थित करते हैं। Online जाप में भी सामग्री की व्यवस्था पंडित जी द्वारा की जाती है। सामग्री की पूर्ण सूची परामर्श के दौरान प्रदान की जाती है।

पंडित श्रीकांत तिवारी जी के अनुसार, महामृत्युंजय मंत्र जाप विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए अनुशंसित है जो गंभीर रोग से पीड़ित हों, जिनकी कुंडली में अल्पायु अथवा मृत्युभय का संकेत हो, जो बार-बार दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हों, जिनके जीवन में लगातार संकट आ रहे हों, अथवा जो अपने परिवार की दैवीय सुरक्षा एवं आरोग्य की कामना से यह जाप करवाना चाहते हों। यह सभी वर्गों के लिए उपयुक्त है।

महामृत्युंजय मंत्र जाप एक व्यापक अनुष्ठान है जिसमें 1,25,000 बार मंत्र-जाप, हवन एवं सम्पूर्ण पूजन विधान सम्मिलित होता है — इसका उद्देश्य मृत्युभय निवारण एवं दीर्घायु प्राप्ति है। रुद्राभिषेक इसका एक महत्वपूर्ण भाग है जिसमें शिवलिंग पर पंचामृत एवं जल-अभिषेक किया जाता है। पंडित श्रीकांत तिवारी जी स्पष्ट करते हैं कि संपूर्ण महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान में रुद्राभिषेक सम्मिलित होता है, जिससे अनुष्ठान का प्रभाव अधिकतम होता है।

पंडित श्रीकांत तिवारी जी से महामृत्युंजय मंत्र जाप बुक करना अत्यंत सरल है। आप +91 79995 48900 पर सीधे फोन या WhatsApp संपर्क कर सकते हैं। वे आपकी परिस्थिति, कामना एवं उचित मुहूर्त के आधार पर जाप की योजना बनाते हैं। Online Jaap के लिए Video Call पर परामर्श उपलब्ध है। जाप का संकल्प आपके नाम एवं गोत्र के साथ लिया जाता है। Offline जाप के लिए Indore एवं आसपास के क्षेत्रों में सुविधा उपलब्ध है। सेवा बुक करने के लिए आज ही संपर्क करें।

हाँ, पंडित श्रीकांत तिवारी जी जाप के पश्चात साधक को व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। सामान्यतः नियमित सोमवार व्रत, रुद्राभिषेक, रुद्राक्ष धारण, सात्विक आहार एवं नित्य महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करने की सलाह दी जाती है। ये उपाय अनुष्ठान के प्रभाव को दीर्घकालिक बनाते हैं। पंडित जी प्रत्येक साधक की परिस्थिति के अनुसार उपाय निर्धारित करते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र जाप हेतु आज ही संपर्क करें

यदि आप महामृत्युंजय मंत्र जाप, रुद्राभिषेक, ग्रह-शांति, Online Puja या व्यक्तिगत आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं तो पंडित श्रीकांत तिवारी जी से संपर्क करें।